"Chill Dude" के चिलचिलाते शोर में
हम सो रहे सुनहरी भोर में
कोई जोर से "WAKE UP SIDH" चिल्ला रहा
और SIDH गहरी नींद में सोता जा रहा
दिन बीतते हैं आजकल "मस्ती की पाठशाला में "
शाम आते ही डूब जाते हैं हाला में
different करने की होड़ में
हम दौड़ रहे हैं अंतहीन दौड़ में
Girlfriend की खोज में हर कोई वनवास को तैयार है
loosing virginity ASAP ही आजकल का प्यार है
easy money & career growth ही सबको चाहिए
काम भले ही इनसे जमादार सा करवाईये
ये इन दिनों की बात है पता नही क्या आगे होंगे हालात
पहले झेलते हैं आज को फ़िर करेनेगे कल की बात
रमन शुक्ला :)
Collection of my few writing attempts, I use to write here what I feel around me.
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
वादा है की
सुर्खियाँ हो या झुर्रियाँ हों नज़दीकियाँ या फिर दूरियाँ हों उलझने हों या अफ़साने हों खफा हों तुमसे या तुम्हारे ...
-
मेरे दिल में बसा कोई ख्वाब हँसा तो लगा की ये दिन ख़ास है मुस्कुरा के सुबह जो यूँ धरती पे आई जैसे सुहानी सी सौगात है जब जमीं पे पड़ी वो पानी ...
-
सुर्खियाँ हो या झुर्रियाँ हों नज़दीकियाँ या फिर दूरियाँ हों उलझने हों या अफ़साने हों खफा हों तुमसे या तुम्हारे ...
-
गुजर जाओ यहा से तो कभी लौट के भी आना है तुम्हारे पीछे चला आ रहा हूँ यह बताने के लिए और तुम हो की डर से सिमाटते जा रहे हो खुद को मुझ...
No comments:
Post a Comment