क्या बताएं भैया दिल बड़ा ही उतावला और खुश टाइप से हो रखा है , क्या करें आज दिन ही विशेष है । एक तो समीर भैया का जन्मदिन है आज और दूसरा एक दिन बाद हमर एपरम मित्र पप्पू की सगाई की रश्म अदायगी होनी है । अब ऐसे में इस गीत का पप्पू संसकरण लिखा जाये इससे अच्छा क्या हो सकता है यद्यपि कार्य बहुत है करने को लेकिन इससे महत्वपूर्ण नहीं , खैर प्रस्तुत है ये रचना हमारी तरफ से पप्पू के लिए
जाने नहीं देंगे तुझे ....
जाने तुझे देंगे नहीं
जाने नहीं देंगे तुझे ....
जाने तुझे देंगे नहीं
चाहे तुझको यश श्री बुला ले
हम न उनसे डरने वाले
बहुमत में उनसे बड़े हैं हम
चाहे हम से चुप छुपा के
पप्पू उनको मूवी दिखा ले
हाल के बाहर मिलेंगे हम
जाने नहीं देंगे तुझे ....
जाने तुझे देंगे नहीं
न सिर्फ सात फेरों का सवाल है
शादी सबसे बड़ा जंजाल है
एक लड़की के कहने पे तू आया क्यूँ ????
सुन ले हम सब की नसीहत
छोड़ पीछे ये फजीहत
ये युगल गीत तुने गाया क्यूँ ????
जाने नहीं देंगे तुझे ....
जाने तुझे देंगे नहीं
जाने नहीं देंगे तुझे ....
जाने तुझे देंगे नहीं
कपडे धोने को धोबी लगा था
बनाने खाना कुक गाया था
सिर्फ एक बटन सी न पाया तू
फिर से बिस्तर पे कपडे फैला दे
घर को कूड़ाघर बना दे
करके टंकी खाली बाईक स्टैंड पे लगा दे
रुक जा साले यूँ अकेले जाता है क्यूँ
जाने नहीं देंगे तुझे ....
जाने तुझे देंगे नहीं
जाने नहीं देंगे तुझे ....
जाने तुझे देंगे नहीं
जाने नहीं देंगे तुझे ....
जाने तुझे देंगे नहीं
जाने नहीं देंगे तुझे ....
जाने तुझे देंगे नहीं
Collection of my few writing attempts, I use to write here what I feel around me.
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वादा है की
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