हमसे जो मिलके पल बिताये थे तुमने
रातों से भी लम्बे अफसाने जो सुनाये थे तुमने
क्या कभी ये किसी को कह पाओगे??
यूँ जुदा हो के हमसे कैसे रह पाओगे?
रातों से भी लम्बे अफसाने जो सुनाये थे तुमने
क्या कभी ये किसी को कह पाओगे??
यूँ जुदा हो के हमसे कैसे रह पाओगे?
1 comment:
Kya baat hai sirji...
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