Sunday, March 25, 2018

Apne paraaye

इन ज़मीन के टुकड़ों मे अपनों के कुछ घर थे जो दूसरों के मकानों मे तब्दील हो गये ..

   समझाने को मुझे  इस बदलाव की खूबसूरती मेरे अपने भी कुछ वक़ील हो गये 
- Raman Shukla

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वादा है की

  सुर्खियाँ हो या झुर्रियाँ हों     नज़दीकियाँ या फिर दूरियाँ हों   उलझने हों या अफ़साने हों   खफा हों तुमसे या तुम्हारे ...