Thursday, September 27, 2018

Cutting My Losses

पता नही बातें अच्छी  लगती हैं या आवाज़ अच्छी लगती है तुम्हारी
हाँ ये पता है की मेरा बार बार कुछ पूछना  तुम्हे अच्छा  नही लगता
तुम बेपरवाह और आज़ाद  थे और मै भी जाने देता हूँ
पहले से जो होता आया है एक बार और होने देता हूँ
जाने देता हूँ उन सवालों को जिनके शब्दों की गर्मी ने पिघलाई थी बर्फ हमारे बीच की
जाने देता हूँ उन जवाबों जो साथी - सांगी हैं मेरे सूनेपन के
जाने देता हूँ उन ख्वाहिशों को जो मुझे उकसाती है हर रोज़ तुमसे मिलने को
जाने देता हूँ उस दुनिया को जो छोटी सी थी लेकिन मेरी थी
अब नही उछालूँगा वो घिसे पिटे सवाल रोज़ रोज़
और ना ही लगाऊँगा तुम्हारे वक़्त मे सेंध कभी
जिन यादों के लिफाफो  पे लिखा कोई पता नही
जायज़ यही की उनको खो जाने देता हूँ
  पहले से जो होता आया है एक बार और होने देता हूँ

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वादा है की

  सुर्खियाँ हो या झुर्रियाँ हों     नज़दीकियाँ या फिर दूरियाँ हों   उलझने हों या अफ़साने हों   खफा हों तुमसे या तुम्हारे ...