Tuesday, November 10, 2009

जब से वो है आई इसकी जिंदगी में

जब से वो है आई इसकी जिंदगी में
कामचोर की गाली ये मैनेजर से खाने लगा है
जाता है जल्दी ऑफिस देर से घर आने लगा है
बाइक की पिछली सीट नही कभी खली
पेट्रोल ये पानी की तरह बहाने लगा है
वीकएंड पे इसे घर चाहिए खाली
क्यूंकि उनको घर ये लाने लगा है
घर और दोस्तों को लगाता नही फ़ोन फ़िर भी
मोबाइल बिल ४ डिजिट में आने लगा है
बियर मुर्गा छोड़ के आजकल
ये गोल गप्पे और सेव पूरी खाने लगा है
सचिन की सेंचुरी मिस होने का गम नही
कहानी घर घर की आजकल बताने लगा है
हफ्ते में एक दिन पानी देखने वाला
आजकल सुबह शाम नहाने लगा है
इमोसनली बैलेंस है लाइफ इसकी
बस बैंक बैलेंस गडबडाने लगा है
जब से वो है आई इसकी जिंदगी में
हमें भी किसी पे तरस आने लगा है

कॉपीराइट रमन शुक्ला :)

1 comment:

luckygopika said...

gud hai,bt emotional balance humesha bank balance khali karata hai aisa bhi nahi hai.

वादा है की

  सुर्खियाँ हो या झुर्रियाँ हों     नज़दीकियाँ या फिर दूरियाँ हों   उलझने हों या अफ़साने हों   खफा हों तुमसे या तुम्हारे ...