कोशिश कब से की
पर कामयाब नही
आँखो से बोलता रहा
मुह से निकली आवाज़ नही
अरसा हो गया पिछली बार मिले
कहा उसे आख़िरी मुलाकात नही
की होती ज़रा हक़ से कोशिश
तो होता आज फासला इतना परवाज़ नही
कोशिश तब जो की वो कामयाब नही
पर कामयाब नही
आँखो से बोलता रहा
मुह से निकली आवाज़ नही
अरसा हो गया पिछली बार मिले
कहा उसे आख़िरी मुलाकात नही
की होती ज़रा हक़ से कोशिश
तो होता आज फासला इतना परवाज़ नही
कोशिश तब जो की वो कामयाब नही
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