ज़िंदगी है क्यूंकी अधूरी है
कुछ रह जाए कुछ मिल ना पाए
ये भी ज़रूरी है
कुछ नही मिला कुछ खो गया
कुछ दूर था चाँद सा कुछ
मिला सपनों मे जब मै सो गया
नही सब अपना हो सकता
अच्छा है पूछना किसी से उसकी भी मंज़ूरी है
हाँ ही बोले ये भी नही ज़रूरी है
ज़िंदगी है क्यूंकी अधूरी है
कुछ रह जाए कुछ मिल ना पाए
ये भी ज़रूरी है
कुछ नही मिला कुछ खो गया
कुछ दूर था चाँद सा कुछ
मिला सपनों मे जब मै सो गया
नही सब अपना हो सकता
अच्छा है पूछना किसी से उसकी भी मंज़ूरी है
हाँ ही बोले ये भी नही ज़रूरी है
ज़िंदगी है क्यूंकी अधूरी है
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